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VOL. 3, ISSUE 7 (2016)
प्रभा खेतान के उपन्यास पीली आंधी में स्त्री की सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्थिति
Authors
डाॅ0 रेनू आनन्द
Abstract
प्रस्तुत शोध पत्र में प्रभा खेतान के उपन्यास ’पीली आंधी’ के विभिन्न स्त्री पात्रों के सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों पर चर्चा की गई है। संस्कृति किसी भी समाज की जीने की व्यवस्था को कहा जाता है। प्रभा खेतान ने ’पीली आंधी’ उपन्यास में अपने स्त्री पात्रों जैसे राधा बाई, पद्मावती, सोमा एवं विधवा स्त्री के विभिन्न रूपों को सामाजिक एवं संस्कृति से जोड़ने की कोशिश की है। प्रस्तुत उपन्यास एक मारवाड़ी परिवार की स्थिति को व्यक्त करती है कि कैसे मारवाड़ी स्त्रियां अपने पतियों के इंतेज़ार में तीन-चार वर्ष तक अकेले जीवन यापन करती हैं साथ ही साथ अपने सामाजिक एवं सांस्कृतिक मूल्यों के साथ सम्बन्ध रखती हैं।
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Pages:209-212
How to cite this article:
डाॅ0 रेनू आनन्द "प्रभा खेतान के उपन्यास पीली आंधी में स्त्री की सामाजिक एवं सांस्कृतिक स्थिति". International Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 3, Issue 7, 2016, Pages 209-212
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