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VOL. 3, ISSUE 10 (2016)
गांधी दृष्टि और पर्यावरण विमर्श
Authors
शंभू जोशी
Abstract
अस्तित्वमूलक एकता (Existential Oneness) का विचार महात्मा गांधी के चिंतन का प्रस्थान बिन्दु है। यही प्रस्थान बिंदु वैज्ञानिक नियम के रूप में अहिंसा को अभिव्यक्त करता है। गांधीजी के पर्यावरणध्प्रकृति संबंधी विचार ऊपरी तौर पर सहज एवं सरल प्रतीत होते हों परन्तु उनमें विकास और पर्यावरण, गांव और शहर जैसे कई विमर्श अन्तर्भूत हैं। इन्हें नजरअंदाज करना गांधीजी के पर्यावरण/प्रकृति संबंधी विचारों को एकांगी बनाना होगा। यह आलेख गांधीजी के पर्यावरणध्प्रकृति संबंधी विचारों को स्पष्ट करते हुए उनमें अन्तर्भूत बहसों को सामने रखने का प्रयास करेगा। साथ ही यह आलेख अन्य पर्यावरण/प्रकृति संबंधी विचारों और आंदोलनों पर गांधीजी के पड़ने वाले प्रभावों को भी समाहित करने का प्रयास करेगा।
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Pages:219-221
How to cite this article:
शंभू जोशी "गांधी दृष्टि और पर्यावरण विमर्श". International Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 3, Issue 10, 2016, Pages 219-221
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