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VOL. 4, ISSUE 4 (2017)
बघेलखण्ड: धार्मिक पर्यटन स्थल का अध्ययन
Authors
डाॅ- प्रीति पटेल
Abstract
बघेलखण्ड अत्यन्त प्राचीन है अपने धार्मिक व राजनैतिक महत्व के अतिरिक्त धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से भी अत्यन्त महत्वपूर्ण है। धार्मिक पर्यटन केन्द्रों से आशय ऐसे स्थानांे से है, जो सजीवता, रमणीयता, अद्भुत-प्रकृति, रोमांच व आकर्षण जैसे गुणों से परिपूर्ण हो, लोगों के लिए ऐसे स्थान आदिकाल से ही ज्ञान, दर्शन, जिज्ञासा, कौतूहल आदि के विषय रहे हैं। पर्यटन के घटकों में स्थानीय दर्शनीय- स्थल का महत्वपूर्ण स्थान होता है। बघेलखण्ड क्षेत्र के अन्तर्गत सर्वाधिक तीर्थस्थल सतना जिलों में पाये जाते हैं, इन तीर्थों में चित्रकूट और उसके चातुर्दिक विद्यमान धार्मिक स्थल अत्यन्त महत्वपूर्ण है। चित्रकूट के महत्व का गुणगान आदि कवि वाल्मीकी, पुराणों के रचयिता महर्षि व्यास, महाकवि कालिदास, संस्कृत नाटककार भवभूति, संतकवि तुलसी, मुसलमान कवि रहीम ने मुक्त कण्ठ से किया है। बघेलखण्ड के पर्यटन स्थलों मंे अमरकंटक प्रसिद्ध तीर्थ और नयनाभिराम पर्यटन स्थल है। विंध्य और सतपुड़ा पर्वतमालाओं के बीच 1065 मीटर की उंचाई पर स्थित यह हरा-भरा होने के साथ-साथ काफी लुभावना भी है।
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Pages:227-232
How to cite this article:
डाॅ- प्रीति पटेल "बघेलखण्ड: धार्मिक पर्यटन स्थल का अध्ययन". International Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 4, Issue 4, 2017, Pages 227-232
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