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VOL. 2, ISSUE 5 (2015)
झोपड़ी से राजभवन की राजनीति
Authors
राजेश कुमार
Abstract
समकालीन साहित्यिक विमर्शों में दलित साहित्य का विशिष्ट एवं महत्वपूर्ण स्थान है। इसने भारतीय मानव जीवन के व्यापक क्षेत्र को गहराई से प्रभावित किया है। 'झोपड़ी से राजभवन' अरुणाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल माता प्रसाद की ऐसी आत्मकथा है जिसमें न केवल तत्कालीन समाज की विसंगतियों का चित्रण है, बल्कि राष्ट्रीय, राज्यस्तरीय एवं स्थानीय राजनीतिक षड्यन्त्रों का भी प्रामाणिक वर्णन है। राजनीतिक दलों द्वारा की जाने वाली छद्म दलित राजनीति का रहस्योद्घाटन भी इस आत्मकथा द्वारा होता है।
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Pages:566-569
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राजेश कुमार "झोपड़ी से राजभवन की राजनीति". International Journal of Multidisciplinary Research and Development, Vol 2, Issue 5, 2015, Pages 566-569
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