International Journal of Multidisciplinary Research and Development


E- ISSN: 2349-4182
P- ISSN: 2349-5979

Vol. 5, Issue 1 (2018)

शारीरिक शिक्षा और शिक्षा के विद्यार्थीयो में चिंताः एक तुलनात्मक अध्ययन

Author(s): डाॅ गुलबहार खान, देवेन्द्र कुमार
Abstract:
आज आधुनिक युग में शिक्षा क्षेत्र के युवा विभिन्न सामाजिक एवं व्यक्तिगत जटिलताओं से घिरे होने के कारण अधिकांशतः चिंतामग्न/चिंतित रहते हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गहरा प्रभाव पड़ता है। परिणामस्वरूप उनकी मनोस्थितियाँ असामान्य हो जाती हैं। इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए, शोधार्थिनी ने अपने रूचि विशेषानुसार शारीरिक शिक्षा एवं शिक्षा के (स्नातकोपरान्त) एक वर्षीय शिक्षक षिक्षण में अघ्ययनरत विद्यार्थीयो में संभावित व्याप्त चिंता को जानने के लिये यह शोध समस्या चयनित की है इसके लिए शोधार्थिनी ने बिलासपुर विश्वविद्यालय, बिलासपुर से सम्बद्ध स्ववित्त पोषित शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों के 20 से 26 वर्ष आयु के दोनों वर्गों से 50-50 कुल 100 पुरूष एवं महिला विद्यार्थीयो को प्रयोज्य हेतु ‘संयोगी प्रतिचयन पद्धति‘ द्वारा चयनित किया तथा शोध उपकरण के रूप में ए0के0पी0 सिन्हा एवं एल0एन0के0 सिन्हा का ‘चिंता परीक्षण‘ ¼SCAT का उपयोग कर आँकडे़ संकलित किये तत्पश्चात संकलित आँकड़ों के विश्लेषण हेतु ‘मध्यमान‘ एवं ‘टी-परीक्षण‘ सांख्यिकीय तकनीक को प्रयुक्त किया गया। उर्पयुक्त सांख्यिकीय तकनीक द्वारा आँकड़ों के विश्लेषण के पश्चात प्राप्त परिणामों के अन्तर्गत पता चलता है कि शिक्षा के विद्यार्थीयोमें चिंता स्तर का ‘मध्यमान‘ m=20.99 शारीरिक शिक्षा के विद्यार्थीयोके मध्यमान m=18.65 की तुलना में अधिक है अर्थात शारीरिक शिक्षा के विद्यार्थीयो की तुलना में शिक्षा के विद्यार्थीयो की चिंता का स्तर अधिक है और प्राप्त गुणात्मक ‘टी‘ मूल्य t=3.01 की .01 सार्थकता स्तर पर जाँच करने पर ज्ञात होता है कि उक्त दोनों धाराओं के विद्यार्थीयो में चिंता स्तर का अन्तर सार्थक है।
अतः निष्कर्ष रूप में कहा जा सकता है कि शारीरिक शिक्षा प्रशिक्षण में अनिवार्य शारीरिक गतिविधियाँ होने के कारण उसके विद्यार्थीे अपेक्षाकृत कम चिंता ग्रस्त रहते हैं।
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