International Journal of Multidisciplinary Research and Development


ISSN Online: 2349-4182
ISSN Print: 2349-5979

Vol. 3, Issue 1 (2016)

पश्चिमी मध्यप्रदेश के जनजातीय जिलों में जनजातियों की समस्याएँ एवं सुझाव

Author(s): डाॅ. जी. सी. खिमेसरा, श्री नोंदराम मालवीय
Abstract: देश का सर्वांगीण विकास तब तक सम्भव नहीं है जब तक उसमें रहने वाले प्रत्येक नागरिक पूर्ण सहयोग प्रदान न करें। आजादी के 68 वर्ष होने के बावजूद जनजातीय समुदाय के विकास में कमियाँ रही हैं। संविधान के मौलिक अधिकार और समानता के सिद्धांतों ने स्थिति को स्पष्ट किया है। भारत में एक नगरीय जीवन की चकाचैंध हैं तो दूसरी ओर जनजातीय समुदाय का वह भाग जो समाज की मुख्य धारा से अछूता है जिसकी अपनी कोई पहचान नहीं है, और न ही अधिक स्वतंत्रता है। आज जनजातीय समुदाय विकास की हौड़ में पीछे रह गया है। इस समुदाय का शैक्षिक, आर्थिक तथा स्वास्थ्य संबंधी स्तर पिछड़ा है।
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